15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा दावा, रोबिन उथप्पा ने की डॉन ब्रैडमैन से तुलना, क्रिकेट जगत में छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर रोबिन उथप्पा ने युवा बल्लेबाज की बल्लेबाजी तकनीक की तुलना क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में शामिल सर डॉन ब्रैडमैन से कर दी है। उथप्पा का मानना है कि वैभव की तकनीक में ऐसी विशेषताएं हैं, जो उन्हें भविष्य का असाधारण बल्लेबाज बना सकती हैं, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी किसी बड़े निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

जिम्बाब्वे दौरे पर दिखाया दमदार प्रदर्शन

इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार वापसी की। उन्होंने पूरी सीरीज में प्रभावशाली बल्लेबाजी करते हुए एक मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच और पूरे टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया। इससे पहले आईपीएल 2026 में बेखौफ बल्लेबाजी के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह भी मिली थी।

रोबिन उथप्पा ने क्यों की ब्रैडमैन से तुलना?

रोबिन उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी तकनीक उन्हें सर डॉन ब्रैडमैन की याद दिलाती है। उनके मुताबिक, दोनों की तकनीक में सबसे बड़ी समानता यह है कि वैभव को एलबीडब्ल्यू आउट करना बेहद मुश्किल दिखाई देता है, ठीक उसी तरह जैसे ब्रैडमैन अपने दौर में शायद ही कभी एलबीडब्ल्यू आउट होते थे।

उथप्पा ने कहा कि फिलहाल गेंदबाज अभी वैभव की बल्लेबाजी को समझने की कोशिश कर रहे हैं। जब विरोधी टीमें उनकी तकनीक के अनुसार रणनीति बनाएंगी, तभी यह स्पष्ट होगा कि वह लगातार किस स्तर का प्रदर्शन कर सकते हैं।

‘अभी फैसला देना जल्दबाजी होगी’

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि वैभव के भविष्य को लेकर अभी कोई निश्चित राय बनाना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, युवा बल्लेबाज की असली परीक्षा तब होगी, जब विरोधी गेंदबाज उनकी कमजोरियों को तलाशकर योजनाबद्ध तरीके से गेंदबाजी करेंगे। ऐसे में समय के साथ यह पता चलेगा कि वह खुद को किस तरह ढालते हैं।

40 के औसत के साथ भी होंगे खास बल्लेबाज

उथप्पा का मानना है कि यदि वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और तेज स्ट्राइक रेट के साथ 40 के आसपास का औसत बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे अलग और प्रभावशाली बल्लेबाजों में गिने जाएंगे।

ब्रैडमैन के रिकॉर्ड का भी किया जिक्र

चर्चा के दौरान उथप्पा ने सर डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह हमेशा बहस का विषय रहेगा कि यदि द्वितीय विश्व युद्ध के कारण ब्रैडमैन का करियर प्रभावित नहीं होता और उन्हें अधिक टेस्ट मैच खेलने का अवसर मिलता, तो क्या उनका औसत 99.94 के आसपास ही बना रहता। इसी संदर्भ में उन्होंने वैभव की तकनीक को बेहद खास बताते हुए भविष्य के लिए बड़ी संभावनाएं जताईं।

 

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